नई दिल्ली: जीन संवर्धित (जीएम) सरसों की खेती को अनुमति नहीं देने की किसान संगठनों की बढ़ती मांग के बीच एक महत्वपूर्ण फैसला किया गया है. एक संसदीय समिति ने जीएम फसलों के पर्यावरण पर होने वाले प्रभावों के विवादास्पद मुद्दे पर गौर करने का फैसला किया है.